Fundamental Analysis क्या होता है ?

Fundamental Analysis क्या होता है ?

नमस्कार दोस्तों, Bazaareducation में आपका स्वागत है। आज हम इस Article में Fundamental Analysis क्या होता है ? इस बारे में Complete Details में जानने वाले हैं।

जैसे कि :- 1. Fundamental Analysis क्या होता है ?

2. Fundamental Analysis कितने प्रकार का होता है ?

3. Fundamental Analysis करने के लिए हमें किन-किन चीजों की जानकारी होना बहुत जरूरी है ?

4. Investing में Fundamental Analysis की क्या भूमिका होती है ?

5. हम कैसे किसी भी कंपनी का Fundamental Analysis कर सकते हैं ?

1. Fundamental Analysis क्या होता है ?

दोस्तों, Fundamental Analysis का मतलब होता है कि किसी भी स्टॉक, कंपनी, प्रॉपर्टी, कमोडिटी, या बिजनेस के बारे में अच्छे से जानना और उन्हें अच्छे से समझना, Fundamental Analysis कहलाता है।

अगर मैं आपको दूसरे शब्दों में समझाऊँ कि Fundamental Analysis क्या होता है, तो इसे हम ऐसे कह सकते हैं कि जिस प्रक्रिया के माध्यम से हम कंपनियों के Fundamentals और उनके Business के बारे में विस्तार से जानने और समझने का प्रयास करते हैं। उसे हम Fundamental Analysis कहते हैं।

जैसे कि ;- 1. कंपनी क्या काम करती है, उसका Business क्या है, और वह कौन-कौन से Products बनाती और बेचती है ?

2. Market में कंपनी के Products की कितनी Demand है ?

3. कंपनी और कंपनी के शेयर की Intrinsic Value (वास्तविक कीमत) क्या है ?

4. कंपनी Profit में है या Loss में ?

5. कंपनी का Management कैसा है ?

6. कंपनी आर्थिक रूप से कितनी मजबूत है ?

7. कंपनी पर कितना कर्ज (Debt) है ?

8. कंपनी की History क्या है ?

9. कंपनी का Past और Present Performance कैसा है ?

10. कंपनी जिस Sector में है, उस Sector का वार्षिक (Annual) Growth Percentage कितना है ?

11. कंपनी की Annual Growth कितने प्रतिशत से Increase हो रही है ?

12. कंपनी ने कितने प्रतिशत Market को Capture कर रखा है ?

13. Sector में जो प्रमुख (Leading) कम्पनियाँ है उसमें वो कंपनी किस स्थान (Position) पर है ?

14. कंपनी का Brand Value क्या है ?

15. कंपनी के Future Plans (भविष्य की योजनाएं) क्या है ?

किसी भी कंपनी के बारे में ऐसी बहुत सारी चीजों की जानकारी जुटाना जिससे हमें उसके बारे में सही से पता चल सके कि वो कंपनी कैसी है और Future में कैसा Perform करेगी, दोस्तों, एक कंपनी के बारे में यह सब जानना ही उस कंपनी का Fundamental Analysis कहलाता है।

2. Fundamental Analysis कितने प्रकार का होता है ?

दोस्तों, Fundamental Analysis दो प्रकार के होते है।

1. Qualitative Analysis (गुणात्मक विश्लेषण)

2. Quantitative Analysis (मात्रात्मक विश्लेषण)

1. Qualitative Analysis (गुणात्मक विश्लेषण)

किसी भी कंपनी का उसकी Quality (गुणवत्ता) के आधार पर Analysis करना Qualitative Analysis कहलाता है।

जैसे कि ;- 1. कंपनी क्या Business करती है ?

2. कंपनी कौन-कौन से Products बनाती और बेचती है ?

3. कंपनी का Business Model क्या है ?

4. कंपनी का Management कैसा है ?

5. कंपनी की Brand Value क्या है ?

6. कंपनी के Promoters कौन हैं ?

7. कंपनी का Past और Present Performance कैसा है ?

8. Sector में जो प्रमुख (Leading) कम्पनियाँ है उसमें वो कम्पनी किस स्थान (Position) पर है ?

9. कंपनी के Future Plans क्या है ?

एक कंपनी के बारे में ऐसी बहुत सारी चीजों की जानकारी जुटाना जिनकी गुणवत्ता (Quality) के आधार पर हमे पता चल सके, कि वो कंपनी कैसी है, और Future में कैसा Perform करेगी, उसे हम उस कंपनी का Qualitative Analysis कहते हैं।

2. Quantitative Analysis(मात्रात्मक विश्लेषण)

किसी भी कंपनी का उसके Financial Data (वित्तीय आंकड़ों) के आधार पर Analysis करना Quantitative Analysis कहलाता है।

जैसे कि ;- 1. कंपनी की Annual Report (वार्षिक रिपोर्ट) में दी गई जानकारी के आधार पर कंपनी का Analysis करना।

2. Balance Sheet में दिए गए Financial Data (वित्तीय आंकड़ों) के आधार पर कंपनी का Analysis करना।

3. Profit & Loss Statement में दिए गए Financial Data के आधार पर कंपनी का Analysis करना।

4. Cash Flow Statement में दिए गए Financial Data के आधार पर कंपनी का Analysis करना।

5. Financial Ratios के आधार पर कंपनी का Analysis करना।

जैसे कि ;- 1. P/E Ratio (Price To Earnings Ratio)

2. ROE Ratio (Return On Equity Ratio)

3. P/B Ratio (Price-To-Book Ratio)

4. EPS Ratio (Earnings Per Share Ratio)

5. ROCE Ratio (Return On Capital Employed Ratio)

6. Dividend Payout Ratio

7. Book Value

8. Debt To Equity Ratio 

9. Sales Growth Ratio

10. Profit Growth Ratio

11. Price to Cash Flow Ratio

12. Interest Cover Ratio 

13. CFO/PAT Ratio   

एक कंपनी के बारे में उसके Financial Data (वित्तीय आंकड़ों), जैसे कि Annual Report, Balance Sheet, Profit & Loss Statement, Cash Flow Statement और Financial Ratios आदि के आधार पर किया गया Analysis उस कंपनी का Quantitative Analysis कहलाता है।

3. Fundamental Analysis करने के लिए हमें किन-किन चीजों की जानकारी होना बहुत जरूरी है ?

दोस्तों, किसी भी कंपनी का Fundamental Analysis करने के लिए हमें पाँच चीजों की जानकारी होना बहुत जरूरी है जैसे कि ;-

  1. कंपनी की Annual Report (वार्षिक रिपोर्ट) को कैसे Study किया जाता है ?
  2. कंपनी की Balance Sheet को कैसे Study किया जाता है ?
  3. कंपनी  के Profit & Loss Statement को कैसे Study किया जाता है ?
  4. कंपनी के Cash Flow Statement को कैसे Study किया जाता है ?
  5. Financial Ratios जिनके बारे में हमने ऊपर बात की है, आदि चीजों की जानकारी होना Fundamental Analysis में बहुत जरूरी है।

4. Investing में Fundamental Analysis की क्या भूमिका होती है ?

किसी भी कंपनी में लंबे समय के लिए पैसा Invest करने में Fundamental Analysis की अहम भूमिका होती है। क्योंकि Fundamental Analysis की Help से ही हमें कंपनियों के बारे में सही से पता चलता है कि वो कंपनियां कैसी है ? और उनमें पैसा Invest करना सुरक्षित होगा या नहीं। Fundamental Analysis की Help से ही हमें कंपनियों के शेयरों की Intrinsic Value (वास्तविक कीमत) का पता चलता है। जिसकी Help से हम एक कंपनी के शेयर की Intrinsic Value और उस कंपनी के शेयर की Market Price को आपस में Compare करके यह पता लगा सकते हैं कि उस कंपनी के शेयर्स Overvalued है या Undervalued हैं।

Overvalued का मतलब होता है कि एक कंपनी के शेयर्स Market में अपनी वास्तविक कीमत से ज्यादा Price पर Trade कर रहे हैं, और Undervalued का मतलब होता है कि उस कम्पनी के शेयर्स Market में अपनी वास्तविक कीमत से कम Price पर Trade कर रहे हैं।

अगर किसी कंपनी के शेयर्स Overvalued हैं, मतलब की अपनी वास्तविक कीमत से ज्यादा Price पर Market में Trade कर रहे हैं, तो हमें ऐसी कंपनियों के शेयर्स को खरीदने से बचना चाहिए क्योंकि ऐसे कंपनियों के शेयर्स की कीमत कभी भी नीचे आ सकती है,  जिससे हमें नुकसान हो सकता है। और अगर किसी कंपनी के शेयर्स Undervalued हैं, मतलब की अपनी वास्तविक कीमत से कम Price पर Market में Trade कर रहे हैं, तो भी हमें उन कंपनियों के शेयर्स को जल्दबाजी में खरीदने से बचना चाहिए।

ऐसी कंपनियों के शेयर्स को खरीदने से पहले भी हमें यह जाँचना चाहिए कि उन कंपनियों के शेयर्स Market में अपनी वास्तविक कीमत से कम Price पर क्यों Trade कर रहे हैं। क्या वो कंपनिया नुकसान में है ? क्या उनका Business अच्छी तरह से नहीं चल रहा है ? कहीं वो कंपनिया बंद तो नहीं होने वाली है ? या कहीं उन कंपनियों पर अत्यधिक कर्ज तो नहीं है ? ऐसी बहुत सारी चीजे हमें उन कंपनियों के बारे में Check करनी चाहिए। उसके बाद ही हमें उन कंपनियों में अपने पैसे निवेश करने चाहिए, और वो भी तब जब उनमें  कोई बड़ा Fault ना हो, बस किसी Temporary Reason के कारण उनके शेयर्स की Price अपनी वास्तविक कीमत से कम Price पर Market में Trade कर रही हो, तभी हमें उन कंपनियों में अपने पैसे निवेश करने चाहिए।

Fundamental Analysis से हमें एक कंपनी के बारे में ऐसी और भी बहुत सारी चीजों की जानकारी मिलती है, जिनकी Help से हम उन कंपनियों में अपने पैसे निवेश कर पाते हैं, जो Actual में अच्छी होती हैं, और जो खराब कंपनिया होती है उनमें अपने पैसे निवेश करने से बच जाते हैं।

तो दोस्तों, Investing में Fundamental Analysis की एक अहम भूमिका होती है। ये तो आप अब समझ ही गए होंगे क्योंकि Without Fundamental Analysis, “There Is No Investing.” Fundamental Analysis के बिना Investing Possible ही नहीं है।

अगर आप Investing के बारे में और अधिक जानना चाहते हैं, तो इसके लिए आप हमारा Investing पर लिखा हुआ Article पढ़ सकते हैं।

5. हम कैसे किसी भी कम्पनी का Fundamental Analysis कर सकते हैं ?

किसी भी कंपनी का Fundamental Analysis करने के लिए हमें सबसे पहले उस कंपनी का Qualitative Analysis करना चाहिए, जैसे कि कंपनी क्या Business करती है, कंपनी कौन-कौन से Products बनाती और बेचती है, और कंपनी का Business Model क्या है, कंपनी का Management कैसा है, आदि सभी चीजे जिनके बारे में हमने ऊपर Qualitative Analysis में बात की है, हमें उन सभी चीजों का एक कंपनी में सबसे पहले Analysis करना चाहिए।

उसके बाद, हमें उस कंपनी का Quantitative Analysis करना चाहिए। Quantitative Analysis में भी हमें सबसे पहले कंपनी के Financial Ratios को Study करना चाहिए, जैसे कि P/E Ratio, ROE Ratio, EPS Ratio, ROCE Ratio, Book Value, Dividend Payout Ratio, Debt To Equity Ratio आदि, और उसके बाद हमें उस कंपनी की Annual Report, Balance Sheet, Profit & Loss Statement, और Cash Flow Statement आदि को Study करना चाहिए।

Qualitative और Quantitative Analysis करने के बाद, अगर वो कंपनी आपको Investment के दृष्टिकोण से अच्छी लगती है, तो आप उस कंपनी में अपना पैसा Invest कर सकते हैं।

दोस्तों, मैं आपको बताना चाहता हूँ कि आपको एक कंपनी के Business, Management, Future Plans और भी बहुत सारी चीजों की जानकारी उस कम्पनी की Annual Report (वार्षिक रिपोर्ट) में मिलेगी, जिसे आप उस कंपनी की वेबसाइट से Free में Download कर सकते हैं।

Conclusion ( निष्कर्ष )

  • किसी भी स्टॉक, कंपनी, प्रॉपर्टी, कमोडिटी या बिजनेस में अपने पैसे निवेश करने से पहले हम जो Research या Analysis करते हैं, उसे ही Fundamental Analysis कहा जाता है।
  • अगर आसान शब्दों में कहा जाए, तो हम कह सकते हैं कि एक स्टॉक, कंपनी, प्रॉपर्टी, कमोडिटी, या बिजनेस की वास्तविक कीमत (intrinsic value) को पता करने के लिए हम जो उनके बारे में Research या Analysis करते हैं, उसे ही उनका Fundamental Analysis कहा जाता है।
  • दोस्तों, Fundamental Analysis की मदद से ही हमें एक स्टॉक, कंपनी, प्रॉपर्टी, कमोडिटी, या बिजनेस की वास्तविक कीमत (Intrinsic value) का पता चलता है।
  • Fundamental Analysis दो प्रकार के होते हैं: Qualitative Analysis (गुणात्मक विश्लेषण) और Quantitative Analysis (मात्रात्मक विश्लेषण)।
  • Qualitative Analysis का मतलब होता है कि एक कंपनी का उसकी Quality (गुणवत्ता) के आधार पर Analysis करना, जैसे कि कंपनी के Promoters कौन हैं ?, कंपनी का Past और Present Performance कैसा है ?, कंपनी का Management कैसा है ?, और कंपनी कौन-कौन से Products बनाती और बेचती है ? आदि, सभी चीजों की जानकारी जुटाना ही उस कंपनी का Qualitative Analysis कहलाता है।
  • Quantitative Analysis का मतलब होता है कि एक कंपनी का उसके Financial Data (वित्तीय आंकड़ों) के आधार पर Analysis करना, जैसे कि कंपनी कि Annual Report, Balance Sheet, Profit & Loss Statement, Cash Flow Statement, और Financial Ratios के आधार पर किया गया Analysis ही उस कंपनी का Quantitative Analysis कहलाता है।
  • Intrinsic value एक कंपनी, स्टॉक, या व्यवसाय की वास्तविक कीमत (Actual value) होती है, जो उनकी Market value की तरह हर दिन Demand और Supply के आधार पर बदलती नहीं रहती है।
  • Overvalued का मतलब होता है कि एक कंपनी के शेयर्स Market में अपनी वास्तविक कीमत से ज्यादा Price पर Trade कर रहे हैं, और Undervalued का मतलब होता है कि उस कम्पनी के शेयर्स Market में अपनी वास्तविक कीमत से कम Price पर Trade कर रहे हैं।
  • Fundamental Analysis की Help से हम ऐसी कंपनियों में अपने पैसे निवेश कर पाते हैं, जो Actual में अच्छी होती हैं, और जो खराब कंपनियां होती है, उनमें अपने पैसे निवेश करने से बच जाते हैं।
  • दोस्तों, Fundamental Analysis की मदद से हम एक अच्छी कंपनी और एक खराब कंपनी के बीच के अंतर को जान सकते हैं।

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So I Hope कि आपको समझ में आ गया होगा कि Fundamental Analysis क्या होता है ? तो आपको Fundamental Analysis पर हमारा यह Article कैसा लगा, निचे Comments करके जरूर बताइयेगा।

धन्यवाद ।। ”

 

 

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